जम्मू कश्मीर मामले पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
जम्मू कश्मीर मामले पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला
13, Aug 2019,03:08 PM
tv 100,

सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द करने के बाद जम्मू-कश्मीर में लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटाने का केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश देने से मंगलवार को इंकार कर दिया है 

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की खंडपीठ कांग्रेस कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला की याचिका पर सुनवाई कर रही थी

 इस याचिका में अनुच्छेद 370 के प्रावधान रद्द करने के बाद जम्मू-कश्मीर में पाबंदियां लगाने और कठोर उपाय करने के केंद्र के निर्णय को चुनौती दी गई है

कोर्ट ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति 'बहुत ही संवेदनशील' है और सरकार को हालात सामान्य करने के लिए समुचित समय दिया जाना चाहिए। साथ ही कोर्ट ने सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि राज्य में किसी की जान नहीं जाए

उन्होंने जुलाई, 2016 में एक मुठभेड़ में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने की घटना के बाद हुये आन्दोलन का हवाला दिया और कहा कि उस समय हालात सामान्य करने में करीब तीन महीने लग गए थे

 वेणुगोपाल ने कहा कि 1990 से अब तक आतंकवादी 44 हजार लोगों की हत्या कर चुके हैं और सीमा पार बैठे लोग उन्हें निर्देश और हिदायतें दे रहे हैं

शीर्ष अदालत ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य होने का इंतजार करेगी और इस मामले पर दो सप्ताह बाद विचार करेगी उन्होंने जुलाई, 2016 में एक मुठभेड़ में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने की घटना के बाद हुये आन्दोलन का हवाला दिया और कहा कि उस समय हालात सामान्य करने में करीब तीन महीने लग गए थे

उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में जम्मू कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाल करने में कुछ दिन लगेंगे वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि जम्मू कश्मीर में पिछले सोमवार से प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से एक भी मौत नहीं हुयी है 

णुगोपाल ने कहा कि 1990 से अब तक आतंकवादी 44 हजार लोगों की हत्या कर चुके हैं और सीमा पार बैठे लोग उन्हें निर्देश और हिदायतें दे रहे हैं

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