भारत समेत दुनिया के कई देशों में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में पहुँचा
भारत समेत दुनिया के कई देशों में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति में पहुँचा
26, Apr 2019,03:04 PM
tv100,

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में 10 में से नौ लोग प्रदूषित वायु में सांस ले रहे हैं। जबकि केवल भारत में साल 2016 में 15 वर्ष से छोटे 6 लाख बच्चों की श्वास नली के संक्रमण के कारण असमय मौत हो गई थी।

वर्तमान में जन्म लेने वाले बच्चों की औसत आयु 20 महीनों तक कम हो गई है। इसका प्रमुख कारण वायु प्रदूषण बताया गया है। इससे सबसे ज्यादा पीड़ित देशों में दक्षिण एशियाई राष्ट्र जैसे भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं।
क्षिण एशियाई देश पाकिस्तान और बांग्लादेश में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर श्रेणी तक पहुंच गई है। शोध के अनुसार इन दोनों देशों में बच्चों की उम्र में 30 महीने तक की कमी आ सकती है। 
 दुनिया के कई शहरों की हवा इतनी जहरीली हो गई है कि वहां सांस लेना सैकड़ों सिगरेट पीने के बराबर हो गया है। वायु प्रदूषण के कारण साल 2017 में विश्व भर में 50 लाख लोगों की जान चली गई थी। जिसमें आधे से ज्यादा केवल भारत और चीन से थे।

चीन की राजधानी बीजिंग में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए  19 अरब युआन (तीन अरब डॉलर) खर्च करने की योजना बनाई गई है।  2018 की बीजिंग बजट रिपोर्ट के अनुसार बजट राशि को कोयला, वाहनों और धूल जैसे प्रदूषणकारी स्रोतों को नियंत्रित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कोयला के स्थान पर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग संबंधी परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा।

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