इसरो ने अंतरिक्ष में एमसैट किया लांच, अब रहेगी पाकिस्तान  और चीन पर आसमान से निगरानी
इसरो ने अंतरिक्ष में एमसैट किया लांच, अब रहेगी पाकिस्तान  और चीन पर आसमान से निगरानी
01, Apr 2019,09:04 AM
tv100,

अंतरिक्ष की दुनिया में भारत लगातार इतिहास रचता जा रहा है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को फिर नया कीर्तिमान स्थापित किया. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से आज सुबह 9.27 पर भारतीय रॉकेट पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक इंटेलीजेंस उपग्रह, एमिसैट का प्रक्षेपण किया गया. एमिसैट का प्रक्षेपण रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के लिए किया जा रहा है. दुश्मन पर नज़र रखने के लिहाज से भी एमिसैट काफी महत्वपूर्ण है.

एमिसैट के साथ पीएसएलवी रॉकेट तीसरे पक्ष के 28 उपग्रहों को ले गया है और अपने तीन अलग-अलग कक्षों में नई प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन भी करेगा. इसरो के अनुसार, रॉकेट पहले 436 किग्रा के एमिसैट को 749 किलोमीटर के कक्ष में स्थापित करेगा.

बॉर्डर पर ये उपग्रह रडार और सेंसर पर निगाह रखेगा।

एमिसैट सुरक्षा के नजरिए से भी भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे इसरो और डीआरडीओ ने मिलकर बनाया है। इसका खास मकसद पाकिस्तान की सीमा पर इलेक्ट्रॉनिक या किसी तरह की मानवीय गतिविधि पर नजर रखना है। यानी बॉर्डर पर ये उपग्रह रडार और सेंसर पर निगाह रखेगा। ना सिर्फ मानवीय बल्कि संचार से जुड़ी किसी भी तरह की गतिविधि पर नजर रखने के लिए इस उपग्रह का इस्तेमाल हो सकेगा।

नासा की तर्ज पर आम आदमी को लांचिंग दिखाएगा इसरो

इसरो ने भी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की तर्ज पर आम आदमी को अपने अंतरिक्ष अभियानों से भावनात्मक तौर पर जोड़ने का प्रयास शुरू किया है। इसके लिए इसरो ने भी नासा की तरह ही आम आदमी को रॉकेट लांचिंग दिखाने के लिए करीब 5 हजार दर्शक क्षमता वाली स्टेडियम जैसी गैलरी सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र पर तैयार कराई है। इसमें आने वाले दर्शकों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस गैलरी के सामने दो लॉन्चपैड होंगे और यहां से बैठकर रॉकेट लॉन्चिंग का नजारा बड़ी आसानी से देखा जा सकेगा।

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