नोटबंदी के 2 साल: मनमोहन का मोदी सरकार पर वार, बताया दुर्भाग्यपूर्ण फैसला
नोटबंदी के 2 साल: मनमोहन का मोदी सरकार पर वार, बताया दुर्भाग्यपूर्ण फैसला
08, Nov 2018,12:11 PM
tv100,

मौन सिंह कहे जाने वाले देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करते हुए एकबार फिर नोटबंदी के फैसले दुर्भाग्यपूर्ण फैसला बताया है। सिंह ने कहा कि 2016 में लिए गए इस फैसले का खामियाजा आज तक देश की जनता भुगत रही है। 


मनमोहन सिंह ने कहा, 'नोटबंदी से भारतीय अर्थव्यवस्था पर जो कहर बरपा, वह अब सबके सामने है. नोटबंदी ने हर व्यक्ति को प्रभावित किया, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, पेशा या संप्रदाय का हो. अक्सर कहा जाता है कि वक्त सभी जख्मों को भर देता है लेकिन नोटबंदी के जख्म-दिन-ब दिन और गहराते जा रहे हैं.'
उन्होंने कहा कि देश के मझोले और छोटे कारोबार अब भी नोटबंदी की मार से उबर नहीं पाए हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर, 2016 को नोटबंदी की घोषणा की जिसके तहत, उन दिनों चल रहे 500 रुपये और एक हजार रुपये के नोट चलन से बाहर हो गए थे।


कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक ट्वीट कर नोटबंदी की 'कीमत' समझाई है. थरूर ने इस दिन को आपदा बताते हुए #DemonetisationDisasterDay के नाम से ट्वीट किया है. थरूर के मुताबिक, नोटबंदी के कारण नए नोट छापने पर 8 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया, 15 लाख लोगों की नौकरी गई, 100 लोग जान से हाथ धो बैठे और जीडीपी में डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने काफी कड़े शब्दों में नोटबंदी की आलोचना की है. ममता ने ट्वीट में लिखा, 'काला दिन. सरकार ने नोटबंदी जैसा बड़ा घोटाला कर देश के लोगों को धोखा दिया है. इसने अर्थव्यवस्था और लाखों लोगों की जिंदगी तबाह कर दी. जिन लोगों ने नोटबंदी की, लोग उन्हें जरूर सजा देंगे.'


एआईएमआईएम नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी नोटबंदी को लेकर करारा प्रहार किया. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि नरेंद्र मोदी की संवेदनहीनता ने लाखों लोगों की जिंदगी और देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दी. ओवैसी ने लिखा, '2019 में वो (मोदी) हमें नोटबंदी भूलने के लिए कहेंगे, ठीक वैसे ही जैसे गुजरात 2002 के दंगे भूलने की बात कही थी लेकिन हम भूले नहीं.'


दो महीने पहले भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि नोटबंदी के दौरान बंद हुए लगभग सभी पुराने नोट वापस आ चुके हैं. आरबीआई ने अपनी एनुअल जनरल रिपोर्ट में कहा कि कुल 99.30 फीसदी 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट वापस आ चुके हैं. आरबीआई की एनुअल रिपोर्ट में इन नोटों का पूरा लेखा-जोखा दिया है.

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